लय प्रलय चक्र भित्र... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप मार्च 12, 2016 आँखामा पुन आँसुको पोखरी कसरी भरौं। जिन्दगी तँ सँग हरपल सम्झौता किन गरौं। जिउँने ईच्छा छ मलाई लौकिक संसारमा। लय प्रलय चक्र भित्र हे ईश्वर किन म परौं। -मणि लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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