अनौठो प्रकृति .. लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप जनवरी 08, 2016 अनौठो प्रकृति कस्तो यो मायाँ। अति मिठो उनको कंचन काया। दिनभरिको मेरो यी थकानलाई। दिने गर्दछ चन्दन शीतल छायाँ। प्रकाशमणि खनाल गोल्धाप-४ झापा लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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