मुक्तक निन्द्रा लागेन... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप मार्च 21, 2015 ओछ्यान किने साथी निन्द्रा लागेन। जीवन देखि दुःख पिडा किन भागेन। जरुर दिन्थें कसैलाई सारा जिन्दगी। एक्लै छु अहिले सम्म कसैले मागेन। प्रकाशमणि खनाल लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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